Tuesday, 9 August 2011

' धर्म '

धर्म राज्य में राज्य मनमाना काम नही क्र सकता उसे धर्म क हिसाब से चलना होता है ! हमारा देश धर्म प्रधान है लेकिन देखा जय तो आज धर्म के दूर देश का सञ्चालन हो रहा है १ जिससे की आज विक्रत परिस्थितिया निर्मित हो रही है ! यह हम धर्म शब्द का तात्पर्य मंदिर मस्जिद से नही है ! उपासना व्यक्ति -धर्म का एक अंग हो सकती है किन्तु धर्म तो व्यापक है !रिलिजन यानि मत, पंथ,मजहब यह सब धर्म नही ! धर्म तो एक व्यापक चीज होती है !उससे समाज की धारणा होती है !उससे आगे बढ़े तो सस्ट्रि की धारणा होती है !यह धारणा करने वाली जो चीज होती है वह ' धर्म ' है !

Monday, 8 August 2011

लोकपाल

लोकपाल बिल की प्रतियां जलाने के लिए जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा,‘जंतर-मंतर पर पुलिस के इनकार के बाद अनशन के लिए हमने रामलीला मैदान पर अनुमति मांगी थी।
लोकपाल बिल की प्रतियां जलाने के लिए जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा,‘जंतर-मंतर पर पुलिस के इनकार के बाद अनशन के लिए हमने रामलीला मैदान पर अनुमति मांगी थी।

Friday, 5 August 2011

आज के परिद्रश्य में हम युवाओ की समाज के प्रति जिम्मेदारी और बढ जाती जब देश भस्ट्राचार और महगाई से जूझ रहा हो ! केंद्र सरकार खुद भस्ट्राचार को जड़ से ख़त्म नही करना चाहती है इसलिए केंद्र सरकार ने जन लोक पाल विधेयक को इतना लचर बनाया ताकि कानुन लचर होगा तो केंद्र के कई मंत्री घोटाले कर सके ! इसीलिए युवाओ को आगे आना होगा और भस्ट्राचा के लिए लड़ना होगा